वैदिक पंचांग के 3 मुख्य स्तंभ: नक्षत्र, योग और करण का संपूर्ण विज्ञान
क्या आप जानते हैं कि सनातन संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त क्यों देखा जाता है? दरअसल, हमारा वैदिक पंचांग कोई साधारण कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह अंतरिक्ष में सूर्य, चंद्रमा और नक्षत्रों की गति को मापने का एक सटीक खगोलीय विज्ञान (Astronomy) है।
पंचांग का अर्थ ही है 'पाँच अंग'— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के इस विशेष लेख में हम पंचांग के तीन सबसे महत्वपूर्ण और रहस्यमयी अंगों— 27 नक्षत्र (उनके चरणों और स्वामियों सहित), 27 नित्य योग और 11 करण के सटीक अनुक्रम के बारे में विस्तार से जानेंगे।
1. 27 नक्षत्र और उनके चरणों का विज्ञान (27 Nakshatras & Pada Lords)
आकाशमंडल को ज्योतिष शास्त्र में 360 डिग्री का माना गया है, जिसे 27 बराबर भागों में बांटा गया है। इसी एक भाग को 'नक्षत्र' कहते हैं। ऋषियों ने सूक्ष्म गणना के लिए हर नक्षत्र को 4 भागों में बांटा है, जिन्हें 'चरण' या 'पद' कहा जाता है। हर चरण का अपना एक स्वामी ग्रह (Navamsha Lord) होता है, जो उस चरण में जन्मे व्यक्ति के स्वभाव को प्रभावित करता है।
| क्र.सं. | नक्षत्र का नाम | चरण 1 स्वामी | चरण 2 स्वामी | चरण 3 स्वामी | चरण 4 स्वामी |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अश्विनी | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 2 | भरणी | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 3 | कृत्तिका | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 4 | रोहिणी | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 5 | मृगशिरा | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 6 | आर्द्रा | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 7 | पुनर्वसु | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 8 | पुष्य | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 9 | आश्लेषा | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 10 | मघा | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 11 | पूर्वाफाल्गुनी | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 12 | उत्तराफाल्गुनी | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 13 | हस्त | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 14 | चित्रा | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 15 | स्वाति | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 16 | विशाखा | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 17 | अनुराधा | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 18 | ज्येष्ठा | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 19 | मूल | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 20 | पूर्वाषाढ़ा | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 21 | उत्तराषाढ़ा | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 22 | श्रवण | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 23 | धनिष्ठा | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 24 | शतभिषा | गुरु | शनि | शनि | गुरु |
| 25 | पूर्वाभाद्रपद | मंगल | शुक्र | बुध | चन्द्रमा |
| 26 | उत्तराभाद्रपद | सूर्य | बुध | शुक्र | मंगल |
| 27 | रेवती | गुरु | शनि | शनि | गुरु |